साँझ की शीतलता प्रभात का प्रकाश ,
झूमती है धरती और गूंजता आकाश ,
भौरों तितलियों ने गीत एक स्वर में गाया ,
तो मन तू लहराया |
जलती रहे ज्योति घनघोर अंधकार में ,
तुफानो में जूझती जो नौका मझधार में,
हिम में भी अग्नि सा प्रबल ख़ुद को पाया ,तो मन तू लहराया|
चाहे मुश्किलें ही बची हो संसार में
मात्र पितृ और गुरु ऋणों के प्रबल भार में ,
पर आशीर्वादों में दिखा जो विश्वास का साया ,तो मन तू लहराया|
5 comments:
सुंदर विचार है, अच्छी कल्पना
लिखते रहिये
अच्छी रचना! लिखते रहें! आपका ब्लॉग जगत में स्वागत है।
महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नही हैं कविता
कोई पेशा , कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥
कभी भी कविता विषय की मोहताज़ नहीं
नयन नीर है कविता, राग -साज़ भी नहीं ।
कभी कविता किसी अल्हड योवन का नाज़ है
कभी दुःख से भरी ह्रदय की आवाज है
कभी धड़कन तो कभी लहू की रवानी है
कभी रोटी की , कभी भूख की कहानी है ।
महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नहीं है कविता,
कोई पेशा , कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥
मुफलिस ज़िस्म का उघडा बदन है कभी
बेकफान लाश पर चदता हुआ कफ़न है कभी ।
बेबस इन्स्सन का भीगा हुआ नयन है कभी,
सर्दीली रत में ठिठुरता हुआ तन है कभी ।
कविता बहती हुई आंखों में चिपका पीप है,
कविता दूर नहीं कहीं, इंसान के समीप हैं ।
महज़ अल्फाज़ से खिलवाड़ नहीं है कविता,
कोई पेशा, कोई व्यवसाय नहीं है कविता ॥
KAVI DEEPAK SHARMA
http://www.kavideepaksharma.co.in
http://www.Shayardeepaksharma.blogspot.com
नववर्ष् की शुभकामनाएं
कलम से जोड्कर भाव अपने
ये कौनसा समंदर बनाया है
बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
सुंदर रचना संसार बनाया है
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहिए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लिए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
www.zindagilive08.blogspot.com
आर्ट के लिए देखें
www.chitrasansar.blogspot.com
बहुत सुंदर...आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है.....आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे .....हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
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